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Tuesday, July 3, 2018

ISRO launched 31 Satelites



जीएसएलवी एमके-3 (GSLV MK-3) के सफलता के बाद इसरो एक और बड़े कदम की तरफ बढ़ रहा है। इसरो ने शुक्रवार को 31 सैटलाइट लॉन्च कर दीं, जिनमें विदेशी नैनो सैटलाइट भी शामिल हैं।
यह पीएसएलवी (PSLV) इसरो के लॉन्चिंग पैड श्रीहरिकोटा से उड़ान भर चुका है।  आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से गुरुवार को इसकी उलटी गिनती शुरू हो गई थी।
इस क्रम में धरती के अवलोकन के लिये प्रक्षेपित किये जा रहे 712 किलोग्राम वजनी कार्टोसैट-2 श्रृंखला के इस उपग्रह के साथ करीब 243 किलोग्राम वजनी 30 अन्य सह उपग्रहों को भी एक साथ प्रक्षेपित किया गया।  उपग्रह ने 505 किलोमीटर ध्रुवीय सूर्य स्थैतिक कक्षा (एसएसओ) में पहुंचने के लिये सुबह नौ बजकर 20 मिनट पर उड़ान शुरू की। पीएसएलवी-सी38 (PSLV-C38) के साथ भेजे जा रहे इन सभी उपग्रहों का कुल वजन करीब 955 किलोग्राम है।
कई देशों के नैनो उपग्रह शामिल
साथ भेजे जा रहे इन उपग्रहों में भारत के अलावा ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चिली, चेज गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया, ब्रिटेन और अमेरिका समेत 14 देशों के 29 नैनो उपग्रह शामिल हैं। पीएसएलवी-सी38 (PSLV-C38) को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के फर्स्ट लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जायेगा।
अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड :एंट्रिक्स:, इसरो (ISRO) की व्यावसायिक शाखा और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के बीच व्यावसायिक व्यवस्थाओं के तहत 29 अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता नैनो उपग्रहों को प्रक्षेपित किया जा रहा है। इसरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने बताया कि प्रक्षेपण के लिये सभी गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने 19 जून को Þ Þमंगलयान Þ Þ अभियान के 1000 दिन पूरे होने पर बधाई दी।

इसरो को बधाई

                                         


ISRO का सबसे भारी रॉकेट GSLV-Mk 3 लॉन्च, 200 हाथियों जितना वजन#*
आंध्र प्रदेश के सतीश धवन स्पेस सेंटर से GSLV मार्क 3 की लॉन्चिंग हुई।
श्रीहरिकोटा. इसरो के सबसे ताकतवर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल GSLV मार्क 3 डी-1 ने सोमवार को पहली उड़ान भरी। इसका वजन 200 हाथियों के बराबर है। इसे आंध्र प्रदेश के सतीश धवन स्पेस सेंटर से छोड़ा गया। रॉकेट ने एक हाथी के बराबर वजनी देश के सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट GSAT-19 को 16 मिनट में स्पेस ऑर्बिट में पहुंचाया। इससे आने वाले कुछ सालों में भारत में हाई स्पीड इंटरनेट की शुरुआत होगी। इसरो ने कहा कि आने वाले वक्त में नए जीएसएलवी रॉकेट से इंसानों को स्पेस की सैर कराई जा सकती है। इस ऐतिहासिक मिशन की कामयाबी पर और प्रेसिडेंट ने इसरो को बधाई दी।11 प्वाइंट में पढ़ें, क्या है इसरो का जम्बो मिशन...