Tuesday, July 3, 2018

100 पहली भारतीय महिलाएं और उनकी उपलब्धियां (100 First Indian women and their achievements )


1. भारत की प्रथम महिला शासक – रजिया सुल्तान (Razia sultan) (1236 - 1240)

2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष – एनी बेसेन्ट (Annie Besant)(1917)

3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष – सरोजिनी नायडू (Sarojni Naidu)

देश के किसी राज्य की प्रथम महिला राज्यपाल – सरोजिनी नायडू  (Sarojini Naidu)(UP)

5. देश के किसी राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री – सुचेता कृपलानी (Sucheta Kripalani) (UP+1963)

6.  लोकसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष – मीरा कुमार (Meira Kumar)

7. भारत के किसी राज्य की विधान सभा की प्रथम महिला अध्यक्ष – श्रीमती शन्नो देवीHaryana)

8. देश के किसी राज्य के मंत्रिमण्डल में प्रथम महिला मंत्री – विजय लक्ष्मी पंडित  (संयुक्त प्रांत, 1937)

9. एवरेस्ट पर चढ़ने वाली प्रथम भारतीय महिला – बछेन्द्री पाल (Bachendri Pal)

10. एवरेस्ट शिखर पर दो बार चढ़ने वाली भारत की एकमात्र महिला – संतोष यादव (Santosh Yadav)

11. भारत की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री – कल्पना चावला (Kalpana Chawla)

12.भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री – इंदिरा गांधी (Indira Gandhi)(1966)

13. योजना आयोग की प्रथम महिलाअध्यक्ष – इंदिरा गांधी

14. भारतरत्न से सम्मानित हाने वाली प्रथम महिला – इंदिरा गांधी (1971)


15. सर्वोच्च न्यायालय की प्रथम महिला न्यायाधीशन्यायमूर्ति मीरा साहिब फातिमा बीबी (1989) 

16. आयकर न्यायाधिकरण की प्रथम महिला सदस्यन्यायमूर्ति मीरा साहिब फातिमा बीबी

17. देश की प्रथम महिला सत्र न्यायाधीशअन्ना चांडी (केरल, 1949)

18. देश की प्रथम महिला न्यायिक अधिकारी (मुंसिफ) – अन्ना चांडी (भू. पू. ट्रावनकोर राज्य 1937)


19. उच्च न्यायालय की प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीशन्यायमूर्ति लीला सेठ (HP) (1991)

20. देश की प्रथम महिला राजदूत – विजयलक्ष्मी पंडित (Vijay Lakshmi Pandit) (सोवियत रूस 1947)

21. संयुक्त राष्ट्र के महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष – विजयलक्ष्मी पंडित (Vijay Lakshmi Pt. (1953)

22. नोबेल पुरस्कार विजेता प्रथम महिला – मदर टेरेरसा (Mother Teresa) (1978)

23. भारत की प्रथम महिला जिसे जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार दिया गया – मदर टेरेसा (Mother teresa)

24. अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम अभिनेत्री – नरगिस दत्त (Nargis Dutt)

25. पदम्श्री पुरस्कार पाने वाली प्रथम भारतीय फिल्मी कलाकार – नरगिस दत्त (1958)

26. प्रथम भारतीय महिला लेखिका जिसे ब्रिटेन का बुकर पुरस्कार दिया गया – अरुन्धती राय (Arundhati Roy) (दि गॉड ऑफ स्माल थिंग्स)

27. भारत की पहली महिला आई . पी. एस . अधिकारी - किरण वेदी

28. भारत की पहली महिला आई. ए . एस. अधिकारी - अन्ना जार्ज

29. भारत की पहली महिला इंग्लिश चैनल पर करने वाली - आरती साहा

30. भारत की पहली महिला मिस यूनिवर्स बनने वाली - सुष्मिता सेन

31. भारत की पहली महिला मिस वर्ल्ड बनने वाली - रीता फारिया


32. भारत की पहली अशोक चक्र से सम्मानित होने वाली महिला और कम आयु की नागरिक-नीरजा भनोट

33. भारत की पहली महिला ओलम्पिक में पदक जीतने वाली - कर्णम मल्लेश्वरी ( भारोत्तोलन में कांस्य , सिडनी २००० )

34. भारत की पहली महिला राज्यसभा उपसभापति - नजमा हेपतुल्ला


35. भारत की पहली महिला लोकसभा प्रतिपक्ष नेता - सुषमा स्वराज

36. भारत की पहली महिला केंद्रीय मंत्री - राजकुमारी अमृता कौर (स्वास्थ्य मंत्री)

37. भारत की पहली महिला विश्व एथलेटिक्स में पदक पाने वाली - अंजू बॉबी जॉर्ज

38. राज्य सभा की प्रथम महिला उपसभापति – बायलेट अल्बा (1962)

39. प्रथम क्रान्तिकारी महिला – मैडम कामा (Madam Cama)

40. राज्य सभा की प्रथम महिला सचिव – बी. एस. रमा देवी (1993)

41.देश के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने वाली प्रथम महिला अभिनेत्री – जानकी रामचंद्रन(तमिलनाडु 1987)

42. देश के किसी शहर की प्रथम महिला मेयर – तारा चेरियन (मद्रास 1957)

43. देश की प्रथम महिला अधिवक्ता – रेगिना गुहा

44. देश की प्रथम महिला बैरिस्टर – कोर्नोलिया सोराबजी (इलाहाबाद उच्च न्यायालय, 1923)

45. देश के किसी राज्य की प्रथम महिला मुख्य सचिव – पद्मा

46. देश के किसी राज्य विधायिकी की प्रथम महिला विधायिका – डॉ. एस. मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी (मद्रास विधान परिषद् 1926)

47. प्रथम महिला मजिस्ट्रेट – ओमना कुंजम्मा

48. संघीय लोक सेवा आयोग की प्रथम महिला अध्यक्ष – रोज मिलियन बैथ्यू (1992)

49. वेनिस फिल्मोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का गोल्डन लॉयन पुरस्कार पाने वाली प्रथम भारतीय महिला – मीरा नायर फिल्म-मानसून वैडिंग (2001)

50. सेना मेडल प्राप्त करने वाली प्रथम महिला – विमला देवी (1988)

Dr. Vijender, A senior Faculty of Competitive Exams in     Delhi (8447410108)  

51.  देश की प्रथम महिला सर्जन – डॉ. प्रेमा मुखर्जी

52. अशोक चक्र (वर्तमान के शौर्य चक्र) प्राप्त करने वाली प्रथम महिला – ग्लोरिया बेरी (मरणोपरान्त)

53. किसी विश्वविद्यालय के छात्र संघ की प्रथम महिला अध्यक्ष – अंजु सचदेव (दिल्ली विश्वविद्यालय)

54. देश के किसी राज्य की प्रथम दलित मुख्यमंत्री – मायावती (Mayawati) (उत्तर प्रदेश)

55. ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाली प्रथममहिला – आशापूर्णा देवी (1976)

56. साहित्य अकादमी सम्मान पाने वाली प्रथम महिला – अमृता प्रीतम (1956)

57. मूर्ति देवी पुरस्कार से सम्मानित प्रथम महिला – प्रतिभा राय

58. अर्जुन पुरस्कार से विभूषित प्रथम महिला – एन. लम्सडेन (हॉकी, 1961)

59. लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रथम महिला – देविका रानी रोरिक (1969)

60. ऑस्कर पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय व प्रथम महिला – भानु अथैवा ( फिल्म गांधी, 1983)

61. मैग्सेसे पुरस्कार पाने वाली प्रथम सम्मानित महिला – डॉ. अमृता पटेल (Dr Amrita patel (1992)

62. बर्लिन फिल्मोत्सव में पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिला – मधुर जाफरी

63. सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाली प्रथम अभिनेत्री – नरगिस दत्त (रात और दिन)1968)

64.अन्तर्राष्ट्रीय तैराकी मैराथन को जीतने वाली प्रथम महिला तैराक – अर्चना भारत कुमार पटेल (1988)

65. पावर लिफ्टिंग में विश्व कीर्तिमान कायम करने वाली प्रथम महिला – सुमिता लाहा (1989)

66. प्रथम महिला रैफरी (मुक्केबाजी) – रजिया शबनम

67. प्रथम अभिनेत्री जिसकी फिल्मों का सिंहावलोकन विदेश में (फ्रांस) करके सम्मानित किया गया – स्मिता पाटिल

68. विश्व की प्रथम कर्मशियल टेस्ट पायटल – कैप्टन सुसन डार्सी एवं कैप्टन रोज लोपर

69. वह प्रथम महिला जो केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) की सदस्य बनीं – सुश्री ईला चटर्जी

70. प्रथम भारतीय महिला जो प्रधानमंत्री की सचिव बनीं – श्रीमती सरला ग्रेवाल

71. वह प्रथम भारतीय महिला जिसने उल्लेखनीय नागरिक सेवा के लिए रैमन मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त किया – श्रीमती किरने बेदी (Kiran Bedi)

72. भारत की प्रथम लेनिन शांति पुरस्कार पाने वाली महिला – राजेश्वरी नेहरू (1960)

73. सर्वाधिक बार राष्ट्रीय स्क्वैस खिताब जीतने का श्रेय किसको है – भुवनेश्वरी कुमारी

74. भारत की प्रथम महिला चुनाव आयुक्त – श्रीमती बी. एस. रामादेवी (नवम्बर से दिसम्बर 1990)

75. महिलाओं में सर्वाधिक बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाली महिला – शबाना आजमी

76. भारत की प्रथम नेत्रहीन महिला सरंपच – सुश्री सुधाबेन काशी भाई पटेल

77.  मध्य प्रदेश की प्रथम महिला जज – सरोजी सक्सेना

78. भारत में प्रथम शास्त्रीय संगीत पर विदेशी भाषा में पुस्तक लिखने वाली – इन्द्राणी रहमान

79. भारत की प्रथम महिला विमान नियन्त्रक – सुश्री मुक्ति श्रीवास्तव

80. वह भारतीय महिला जो सबसे कम उम्र (19 वर्ष) में एवरेस्ट पर चढ़ने में सफलता पाई – डिकी डोल्मा

81. भारत की प्रथम महिला मुख्य महाडाकपाल – पद्मा बाला सुब्रह्मण्यम (चेन्नई)

82. मुम्बई की प्रथम महिला नगर प्रमुख – निर्मला सामंत

83. केरल उच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश – सुजाता बसन्त मनोहर

84. भारतीय उड्डयन के इतिहास में प्रथम बार हेलीकॉप्टर उड़ाने वाली महिला – फ्लाइट कैडेट चेरिल दत्ता

85. भारतीय वायु सेना की प्रथम महिला पायलट – हरित कौर देवल

86. भारत की प्रथम भारतीय रेल चालिका – सुरेखा यादव

87. भारत की प्रथम महिला ट्रैफिक कण्ट्रोलर (ट्रेन) – कविता कालरा अरोड़ा

88. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परषिद् की प्रथम महानिदेशक – जी. वी. सत्यवती

89. प्रथम महिला मुख्य सचिव – निर्मला बुच

90. भारत की प्रथम एशियाई खेल में स्वर्ण पाने वाली महिला – कमलजीत सेंधू

91. वह प्रथम भारतीय महिला जिसका गाना रिकॉर्ड हुआ – शशिमुखी

92. भारत की प्रथम मुस्लिम आई.पी.एस. महिला – कु. नुजहत खान

93. भारत की प्रथम महिला क्रिकेट कमेंटेटर का नाम – चंद्रा नायडू (1977 इंदौर में)

94. भारत की प्रथम महिला डाकिया – के पद्माक्षी अम्मा

95. राष्ट्रीय महिला कोष के प्रथम संचालन मंडल की अध्यक्ष – बासब राजेश्वरी

96. भारत की प्रथम महिला जिन्हें भारत एवं स्काउट गाइड के मुख्य आयुक्त पद पर निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त हुआ – माणिक वर्सले

97. पंजाब की प्रथम महिला मुख्यमंत्री – राजिन्दर कौर भट्टल

98. भारत की प्रथम महिला उपन्यासकार – स्वर्णकुमारी देवी

99. मजिस्ट्रेट बनने वाली प्रथम भारतीय महिला – मार्गरेट (Margaret)

100. भारत की प्रथम अंतरिक्ष विज्ञानी महिला – सविता रानी (Savita Rani)

101. साहित्य अकादमी का फैलोशिप पाने वाली प्रथम भारतीय महिला – महादेवी वर्मा (1979)

102. प्रथम भारतीय महिला क्रिकेट टीम कप्तान – शांत रंगा स्वामी (कर्नाटक) 

103. प्रथम भारतीय महिला नौचालन इंजीनियर बनने का गौरव पाया – सोनाली बनर्जी

104. भारत की प्रथम महिला मर्चेन्ट नेवी ऑफिसर – सोनाली बनर्जी (जुलाई 2001)

105. भारत की प्रथम महिला विदेश सचिव – चोकिला अय्यर

106. केन्द्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड की प्रथम महिला अध्यक्ष – आशा

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Vitamins Related Important Facts (विटामिन* संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य)


          *विटामिन* - 'A'

रासायनिक नाम : रेटिनाॅल (Retinal)
कमी से रोग: रतौंधी (Night blindness)
स्त्रोत (Source): गाजर, दूध, अण्डा, फल
• *विटामिन* - 'B1'
रासायनिक नाम: थायमिन (Thiamine)
कमी से रोग: बेरी-बेरी (Berry-Beri)
स्त्रोत (Source): मुंगफली, आलू, सब्जीयाँ
*विटामिन* - 'B2'
रासायनिक नाम: राइबोफ्लेबिन (Riboflavin)
कमी से रोग: त्वचा फटना, आँख का रोग
स्त्रोत (Source): अण्डा, दूध, हरी सब्जियाँ
• *विटामिन* - 'B3'
रासायनिक नाम: पैण्टोथेनिक अम्ल (Pentothanic acid)
कमी से रोग: पैरों में जलन, बाल सफेद
स्त्रोत (Source): मांस, दूध, टमाटर, मंूगफली
• *विटामिन* - 'B5'
रासायनिक नाम: निकोटिनेमाइड (नियासिन) (Nicotinamide)
कमी से रोग: मासिक विकार (पेलाग्रा) (Monthly disorder)
स्त्रोत (Source): मांस, मूंगफली, आलू
• *विटामिन* - 'B6'
रासायनिक नाम: पाइरीडाॅक्सिन (Pyridoxine)
कमी से रोग: एनीमिया (Anemia), त्वचा रोग Skin Diseases)
स्त्रोत (Source): दूध (milk), मांस (meat), सब्जी
• *विटामिन* - 'H / B7'
रासायनिक नाम: बायोटिन (Biotin)
कमी से रोग: बालों का गिरना (Hair Fall) , चर्म रोग (Skin Disease)
स्त्रोत (Source): यीस्ट, गेहूँ, अण्डा
• *विटामिन* - 'B12'
रासायनिक नाम: सायनोकोबालमिन (Cyanocobalamin)
कमी से रोग: एनीमिया (Anemia), पाण्डू रोग (Pandu disease)
स्त्रोत (Source): मांस, कजेली, दूध
• *विटामिन* - 'C'
रासायनिक नाम: एस्कार्बिक एसिड (Ascorbic Acid)
कमी से रोग: स्कर्वी (Scurvy) , मसूड़ों का फुलना (Gum fluff)
स्त्रोत (Source): आँवला, नींबू, संतरा, नारंगी
• *विटामिन* - 'D'
रासायनिक नाम: कैल्सिफेराॅल (Califferle)
कमी से रोग: रिकेट्स (Ricketts)
स्त्रोत (Source): सूर्य का प्रकाश, दूध, अण्डा
• *विटामिन* - 'E'
रासायनिक नाम: टेकोफेराॅल (Tecopharal)
कमी से रोग: जनन शक्ति का कम होना (Decreased fertility)
स्त्रोत (Source): हरी सब्जी, मक्खन, दूध
• *विटामिन* - 'K'
रासायनिक नाम: फिलोक्वीनाॅन (Philovacin)
कमी से रोग: रक्त का थक्का (Blood Clotting) न बनना
स्त्रोत (Source): टमाटर, हरी सब्जियाँ, दूध

Questions & Answers

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QUE (01) : विटामिन 'सी' का रासायनिक नाम क्या है ?
[A] रेटिनाॅल
[B] एस्कार्बिक एसिड
[C] कैल्सिफेराॅल
[D] टेकोफेराॅल
*सही उत्तर (Answer)* : [B]
QUE (02) : रतौंधी किस विटामिन के कमी से होता है ?
[A] विटामिन ‘ए‘
[B] विटामिन ‘बी‘
[C] विटामिन ‘सी‘
[D] विटामिन ‘डी‘
*सही उत्तर (Answer)* : [A]
QUE (03) : विटामिन ‘सी‘ का सबसे अच्छा स्त्रोत क्या है ?
[A] मांस
[B] दूध
[C] आॅवला
[D] गाजर
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (04) : ‘बेरी-बेरी‘ रोग किस विटामिन की कमी के कारण होता है ?
[A] विटामिन ‘सी‘
[B] विटामिन ‘ई‘
[C] विटामिन ‘बी1‘
[D] विटामिन ‘ए‘
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (05) : "वसा" में घुलनशील विटामिन कौन सा होता है ?
[A] विटामिन ‘ए‘
[B] विटामिन ‘डी‘
[C] विटामिन ‘के‘
[D] इनमें से सभी
*सही उत्तर (Answer)* : [D]
QUE (06) : "जल" में घुलनशील विटामिन है ?
[A] विटामिन ‘बी‘
[B] विटामिन ‘सी‘
[C] दोनों ही
[D] इनमें से कोई नहीं
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (07) : विटामिन ‘बी‘ का रासायनिक नाम कौन सा है ?
[A] रेटिनाॅल
[B] थायमिन
[C] एस्कार्बिक एसिड
[D] टेकोफेराॅल
*सही उत्तर (Answer)* : [B]
QUE (08) : विटामिन ‘ए‘ का रासायनिक नाम है -
[A] रेटिनाॅल
[B] थायमिन
[C] एस्कार्बिक एसिड
[D] कैल्सिफेराॅल
*सही उत्तर (Answer)* : [A]
QUE (09) : ‘स्कर्वी‘ रोग किस विटामिन की कमी के कारण होता है -
[A] विटामिन ‘ए‘
[B] विटामिन ‘बी‘
[C] विटामिन ‘सी‘
[D] विटामिन ‘डी‘
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (10) : विटामिन ‘डी‘ का सर्वोत्तम स्त्रोत होता है -
[A] अण्डा
[B] दूध
[C] सूर्य का प्रकाश
[D] हरी सब्जी
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (11) : विटामिन ‘बी-7‘ का रासायनिक नाम कौन सा है -
[A] पाइरीडाॅक्सीन
[B] बायोटीन
[C] एस्कार्बिक एसीड
[D] फिलोक्वीनाॅन
*सही उत्तर (Answer)* : [B]
QUE (12) : "नपुसंकता या बंध्यता" किस विटामिन के कमी के कारण होता है -
[A] विटामिन ‘ए‘
[B] विटामिन ‘के‘
[C] विटामिन ‘ई‘
[D] विटामिन ‘डी‘
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (13) : विटामिन ‘के‘ का रासायनिक नाम क्या है ?
[A] टेकोफेराॅल
[B] फिलोक्वीनाॅन
[C] कैल्सिफेराॅल
[D] नियासीन
*सही उत्तर (Answer)* : [B]
QUE (14) : मछलियों के यकृत के तेल में कौन सी विटामिन की बहुलता होती है ?
[A] विटामिन ‘ए‘
[B] विटामिन ‘बी‘
[C] विटामिन ‘सी‘
[D] विटामिन ‘ई‘
*सही उत्तर (Answer)* : [A]
QUE (15) : कौन सा विटामिन गर्म करने पर नष्ट हो जाता है
[A] विटामिन ‘ए‘
[B] विटामिन ‘बी-6‘
[C] विटामिन ‘सी‘
[D] विटामिन ‘ई‘
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (16) : विटामिन ‘डी‘ की कमी से होने वाला रोग कौन सा है -
[A] एनीमिया
[B] तपेदिक
[C] स्कर्वी
[D] रिकेट्स
*सही उत्तर (Answer)* : [D]
QUE (17) : "विटामिन" शब्द किसने दिया था ?
[A] मेंडल
[B] लुई पाश्चर
[C] फन्क
[D] सिन्क्लेयर
*सही उत्तर (Answer)* : [C]
QUE (18) : "रक्त को थक्का" बनाने में सहायक होता है -
[A] विटामिन ‘ई‘
[B] विटामिन ‘के‘
[C] विटामिन ‘डी‘
[D] विटामिन ‘सी‘
*सही उत्तर (Answer)* : [B]
QUE (19) : विटामिन ‘ए‘ एवं ‘बी‘ के आविष्कारक कौन थे -
[A] फन्क
[B] मैकुलन
[C] होल्कट
[D] हाॅपकिन्स
*सही उत्तर (Answer)* : [B]
QUE (20) : विटामिन ‘ए‘ की कमी से कौन सा रोग होता है ?
[A] स्कर्वी
[B] रतौंधी
[C] बेरी-बेरी
[D] एनीमिया
*सही उत्तर (Answer)* : [B]

नीति आयोग और उसके ढाई वर्ष ( NITI Commission and its Two and Half years)

नीति आयोग (राष्‍ट्रीय भारत परिवर्तन संस्‍थान) भारत सरकार द्वारा गठित एक नया संस्‍थान है जिसे योजना आयोग के स्‍थान पर बनाया गया है।[1] 1 जनवरी 2015 को इस नए संस्‍थान के संबंध में जानकारी देने वाला मंत्रिमंडल का प्रस्‍ताव जारी किया गया।[2] यह संस्‍थान सरकार के थिंक टैंक के रूप में सेवाएं प्रदान करेगा और उसे निर्देशात्‍मक एवं नीतिगत गतिशीलता प्रदान करेगा। नीति आयोग, केन्‍द्र और राज्‍य स्‍तरों पर सरकार को नीति के प्रमुख कारकों के संबंध में प्रासंगिक महत्‍वपूर्ण एवं तकनीकी परामर्श उपलब्‍ध कराएगा। इसमें आर्थिक मोर्चे पर राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय आयात, देश के भीतर, साथ ही साथ अन्‍य देशों की बेहतरीन पद्धतियों का प्रसार नए नीतिगत विचारों का समावेश और विशिष्‍ट विषयों पर आधारित समर्थन से संबंधित मामले शामिल होंगे। [3]
योजना आयोग और निति आयोग में मूलभूत अंतर है कि इससे केंद्र से राज्यों की तरफ चलने वाले एक पक्षीय नीतिगत क्रम को एक महत्वपूर्ण विकासवादी परिवर्तन के रूप में राज्यों की वास्तविक और सतत भागीदारी से बदल दिया जाएगा।[1]
नीति आयोग ग्राम स्तर पर विश्वसनीय योजना तैयार करने के लिए तंत्र विकसित करेगा और इसे उत्तरोत्तर उच्च स्तर तक पहुंचाएगा। आयोग राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रैक्टिशनरों तथा अन्य हितधारकों के सहयोगात्मक समुदाय के जरिए ज्ञान, नवाचार, उद्यमशीलता सहायक प्रणाली बनाएगा। इसके अतिरिक्‍त आयोग कार्यक्रमों और नीतियों के क्रियान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन और क्षमता निर्माण पर जोर देगा।[1]
NITI COMMISSION 
नीति आयोग

नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर ट्रांस्फोर्मिंग इंडिया
(National Institution for Transforming India 
गठन1 जनवरी 2015; 2.5 वर्ष पहले
पूर्ववर्तीयोजना आयोग
अधिकारक्षेत्राभारत सरकार
मुख्यालयनई दिल्ली
कार्यपालकनरेंद्र मोदी, अध्यक्ष (चेयरपर्सन)
हाल ही में नीति आयोग ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे किए हैं। इस मौके पर योजना आयोग के एवज में काम कर रहे नीति आयोग की प्रकृति और कार्य को समझने की आवश्यकता है। पंचवर्षीय योजनाओं को तैयार करके उन्हें लागू करवाना एवं राज्यों को वित्तिय सहायता देना ही योजना आयोग के दो प्रमुख कार्य थे। इसमें से कोई भी काम नीति आयोग का नहीं है। पंचवर्षीय योजना का अंत इस वर्ष मार्च में हो जाएगा। जहाँ तक राज्यों को वित्तिय सहायता देने का प्रश्न है, वह भी नीति आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। चैदहवें वित्त आयोग ने पहले ही राज्यों को दी जाने वाली धनराशि के प्रतिशत को 32 से बढ़ाकर 42 कर दिया है। इसलिए अब नीति आयोग के पास राज्यों को धन आवंटित करने की कोई गुंजाइश ही नही हैं।
नीति आयोग के निम्नलिखित उद्देश्य  –
  • राष्ट्रीय उद्देश्यों को दृष्टिगत रखते हुए राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं, क्षेत्रों और रणनीतियों का एक साझा दृष्टिकोण विकसित करेगा। नीति आयोग का विजन बल प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को ‘राष्ट्रीय एजेंडा’ का प्रारूप उपलब्ध कराना है।
  • सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है इस तथ्य की महत्ता को स्वीकार करते हुए राज्यों के साथ सतत आधार पर संरचनात्मक सहयोग की पहल और तंत्र के माध्यम से सहयोगपूर्ण संघवाद को बढ़ावा देगा।
  • ग्राम स्तर पर विश्वसनीय योजना तैयार करने के लिए तंत्र विकसित करेगा और इसे उत्तरोत्तर उच्च स्तर तक पहुंचाएगा।
  • आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि जो क्षेत्र विशेष रूप से उसे सौंपे गए हैं उनकी आर्थिक कार्य नीति और नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को शामिल किया गया है।
  • हमारे समाज के उन वर्गों पर विशेष रूप से ध्यान देगा जिन तक आर्थिक प्रगति से उचित प्रकार से लाभान्वित ना हो पाने का जोखिम होगा।
  • रणनीतिक और दीर्घावधि के लिए नीति तथा कार्यक्रम का ढ़ांचा तैयार करेगा और पहल करेगा। साथ ही उनकी प्रगति और क्षमता की निगरानी करेगा। निगरानी और प्रतिक्रिया के आधार पर मध्यावधि संशोधन सहित नवीन सुधार किए जाएंगे।
  • महत्वपूर्ण हितधारकों तथा समान विचारधारा वाले राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय थिंक टैंक और साथ ही साथ शैक्षिक और नीति अनुसंधान संस्थानों के बीच भागीदारी को परामर्श और प्रोत्साहन देगा।
  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रैक्टिशनरों तथा अन्य हितधारकों के सहयोगात्मक समुदाय के जरिए ज्ञान, नवाचार, उद्यमशीलता सहायक प्रणाली बनाएगा।
  • विकास के एजेंडे के कार्यान्वयन में तेजी लाने के क्रम में अंतर-क्षेत्रीय और अंतर-विभागीय मुद्दों के समाधान के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
  • अत्याधुनिक कला संसाधन केंद्र बनाना जो सुशासन तथा सतत और न्यायसंगत विकास की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली पर अनुसंधान करने के साथ-साथ हितधारकों तक जानकारी पहुंचाने में भी मदद करेगा।
  • आवश्यक संसाधनों की पहचान करने सहित कार्यक्रमों और उपायों के कार्यान्वयन के सक्रिय मूल्यांकन और सक्रिय निगरानी की जाएगी। ताकि सेवाएं प्रदान करने में सफलता की संभावनाओं को प्रबल बनाया जा सके।
  • कार्यक्रमों और नीतियों के क्रियान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन और क्षमता निर्माण पर जोर।
  • राष्ट्रीय विकास के एजेंडा और उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अन्य आवश्यक गतिविधियां संपादित करना।

नीति आयोग का गठन इस प्रकार होगा-
1. भारत के प्रधानमंत्री- अध्यक्ष। Prime minister is the Chairmen of NITI commission= Nrender Modi 
2नीति आयोग के उपाध्यक्ष - श्री अरविंद पणगरिया, (अर्थशास्‍त्री)
3. गवर्निंग काउंसिल में राज्यों के मुख्यमंत्री और केन्द्रशासित प्रदेशों(जिन केन्द्रशासित प्रदेशो में विधानसभा है वहां के मुख्यमंत्री ) के उपराज्यपाल शामिल होंगे।
4. विशिष्ट मुद्दों और ऐसे आकस्मिक मामले, जिनका संबंध एक से अधिक राज्य या क्षेत्र से हो, को देखने के लिए क्षेत्रीय परिषद गठित की जाएंगी। ये परिषदें विशिष्ट कार्यकाल के लिए बनाई जाएंगी। भारत के प्रधानमंत्री के निर्देश पर क्षेत्रीय परिषदों की बैठक होगी और इनमें संबंधित क्षेत्र के राज्यों के मुख्यमंत्री और केन्द्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होंगे (इनकी अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष करेंगे)।
5. संबंधित कार्य क्षेत्र की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ और कार्यरत लोग, विशेष आमंत्रित के रूप में प्रधानमंत्री द्वारा नामित किए जाएंगे।
6. पूर्णकालिक संगठनात्मक ढांचे में (प्रधानमंत्री अध्यक्ष होने के अलावा) निम्न होंगे।
(क) उपाध्यक्षः प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त।
(ख) सदस्यः पूर्णकालिक
(ग) अंशकालिक सदस्यः अग्रणी विश्वविद्यालय शोध संस्थानों और संबंधित संस्थानों से अधिकतम दो पदेन सदस्य, अंशकालिक सदस्य बारी के आधार पर होंगे।
(घ) पदेन सदस्यः केन्द्रीय मंत्रिपरिषद से अधिकतम चार सदस्य प्रधानमंत्री द्वारा नामित होंगे। यदि बारी के आधार को प्राथमिकता दी जाती है तो यह नियुक्ति विशिष्ट कार्यकाल के लिए होंगी।
(ङ) मुख्य कार्यकारी अधिकारीः भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी को निश्चित कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाएगा।
(च) सचिवालय आवश्यकता के अनुसार

                                      नीति आयोग के ढाई वर्ष 
नीति आयोग के बहुत से कामों में से तीन मुख्य काम हैं – सहयोगी एवं प्रतियोगी संघवाद को बढ़ावा देना, नीति निर्माण में केंद्र सरकार को सहयोग देना और तीसरे, सरकार के विचार- केंद्र (Think Tank) के रूप में काम करना। नीति आयोग के ये तीनों ही काम अपने आप से अलग-अलग होने के बजाय एक दूसरे के परिपूरक हैं।
सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल नीति आयोग की संचालन परिषद् (Governing Council) के हिस्से हैं। इसकी पहली और एकमात्र बैठक फरवरी 2015 में संपन्न हुई थी। इसमें मुख्यमंत्रियों के तीन उपवर्ग बनाए गऐ थे, जो प्रधानमंत्री को केंद्र संरक्षित योजनाओं; जैसे-कौशल विकास एवं स्वच्छ भारत मिशन पर सलाह देंगे। इस बैठक में कृषि विकास एवं गरीबी उन्मूलन पर दो कार्यदल भी गठित किए गये थे। ऐसे कार्यदल राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भी गठित किए गए।
आयोग के सहयोग से इन उपवर्गों ने अल्पावधि में ही अपना काम पूरा करके रिपोर्ट सौंप दी। इसी प्रकार कार्यदलों का काम भी जल्दी ही पूरा हो गया। इन पाँचों की रिपोर्टों में दी गई सिफारिशों को या तो कार्यान्वित किया जा चुका है उन्हें विचाराधीन रखा गया है।
आयोग ने राज्यों में अनेक सुधारों को भी प्रोत्साहन दिया है। इसने एक आदर्श भूमि पट्टा कानून को निरूपित किया है, जिसे मध्यप्रदेश सरकार ने अपना लिया है तथा उत्तर प्रदेश ने पहले से विद्यमान कानून में आयोग के निरूपित कानून को सम्मिलित कर लिया है। अन्य राज्य भी इसे अपना रहे हैं।आयोग ने कृषि विपणन में सुधारों के लिए एक अभियान चलाया है। इसने विभिन्न मंत्रालयों के पास राज्यों के लंबित पड़े मामलों के शीघ्र निपटाने के भी प्रयास किए हैं। यह विभिन्न मंत्रालयों से संबद्ध राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाकर राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्यों का प्रसार भी करता है।
केंद्र के नीति निर्माता की भूमिका में आयोग ने सार्वजनिक क्षेत्र के अनेक बीमार संस्थानों को बंद करने के लिए उनकी पहचान की है। इनमें से 17 ईकाईयों पर काम शुरू किया जा चुका है। आयोग ने विनिवेश के लिए काम कर रही अनेक ईकाईयों को चुना है। वित्त मंत्रालय को चाहिए कि इन ईकाईयों को बेचने का प्रबंध करे। आयोग ने 1956 के चिकित्सा परिषद् आयोग अधिनियम में भी जबर्दस्त बदलाव किये है । इसके बदले यह चिकित्सा शिक्षा आयोग अधिनियम लेकर आया है, जिससे भारत में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन किया जा सकेगा।
आयोग ने राष्ट्रीय ऊर्जा नीति का एक विस्तृत मसौदा तैयार कर लिया है। उसे किसी जन-मंच पर लाकर उस पर विस्तार से चर्चा होना अभी बाकी है। देश में 20 स्तरीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए भी आयोग काम कर रहा है। इसके साथ ही 1956 के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम एवं 1957 के अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् अधिनियम में भी सुधार करने की तैयारी की जा रही है। आयोग ने अच्छी नौकरियाँ उपलब्ध कराने की दृष्टि से तटीय रोजगार क्षेत्र का शुभारंभ कर दिया है।
सरकार के विचार-केंद्र की तरह काम करते हुए आयोग ने एक ऐसी पुस्तक तैयार की है, जिसमें सर्वोत्कृष्ट कार्यप्रणाली, इससे जुड़ी कार्य-शालाओं के आयोजन, भारतीय ऊर्जा सुरक्षा परिदृश्य 2047, प्रायोजित शोध एवं विभिन्न अवसरों पर प्रकाशित लेख शामिल किए गए हैं। आयोग ने 15 वर्षों की झलक, 7 वर्षों की कार्यनीति एवं तीन वर्षों के एक्शन प्लान संबंधी दस्तावेज भी लाने की तैयारी कर रखी है। आयोग ने थर्मन शन्मुग्रत्नम सिंगापुर के उपमुख्यमंत्री एवं बिल गेट्स जैसे वक्ताओं की एक व्याख्यान श्रृंखला का भी आयोजन किया है। प्रधानमंत्री, केबिनेट एवं कई सचिवों ने भी इस व्याख्यान श्रृंखला का लाभ उठाया।
अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission) के द्वारा आयोग ने नवपरिवर्तन एवं उद्यमिता की एक हवा पूरे देश में चला दी है। इसको और प्रोत्साहित करने के लिए देश के 200 विद्यालयों में लैब एवं इन्क्यूबेटर बनाए जाएंगे।योजना आयोग के 1200 पदों के स्थान पर आयोग ने 500 पद ही रखे हैं। साथ ही लगभग 45 युवा व्यावसायिक एवं 12 वरिष्ठ अधिकारियों को बाहर से नियुक्त किया है। इससे आयोग की ऊर्जाशक्ति में बहुत वृद्धि हुई है।
 टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित अरविंद पनगढ़िया के लेख पर आधारित।

# ओपेक और उसकी तेल नीति # (OPEC AND ITS OIL POLICY)


 
              इक्वेटोरियल गिनी : OPEC का 14वां सदस्य
10-14 सितंबर, 1960 के मध्य बगदाद (इराक) में आयोजित एक सम्मेलन में पांच देशों यथा- ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब तथा वेनेजुएला के बीच हुए एक समझौते के परिणामस्वरूप स्थापित ‘ओपेक’ (Organisation of the Petroleum Exporting Countries : OPEC) एक स्थायी अंतर्सरकारी संगठन है। वर्तमान में इस संगठन का मुख्यालय विएना (ऑस्ट्रिया) में स्थापित है, हालांकि स्थापना के प्रथम पांच वर्षों तक यह जेनेवा (स्विट्जरलैंड) में विद्यमान था।
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के इस संगठन का उद्देश्य अपने सदस्य देशों की पेट्रोलियम नीतियों को समन्वित करना तथा उन्हें एकरूप बनाना और उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों की कुशल एवं नियमित आपूर्ति उत्पादकों को एक स्थिर आय एवं पेट्रोलियम उद्योग में निवेश करने वालों को उनकी पूंजी पर उचित प्रतिफल (Fair Return) की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल बाजारों के स्थिरीकरण पर जोर देना है।

25 मई, 2017 को विएना में ओपेक देशों की 172वीं बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में इक्वेटोरियल गिनी को तत्काल प्रभाव से ओपेक के 14वें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल करने की अनुमति प्रदान कर दी गई।
इक्वेटोरियल गिनी उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्र में तेल का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, हालांकि इस दृष्टि से विश्व में इसका स्थान 37वां है।
वर्तमान में इक्वेटोरियल गिनी में 220,000 बैरल/दिन की दर से तेल उत्पादन हो रहा है जिसमें बाजार के स्थिरीकरण की दिशा में ओपेक के प्रयासों के तहत 12000 बैरल/दिन की दर से कटौती की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।

उल्लेखनीय है कि पांच संस्थापक देशों के अतिरिक्त कतर (1961), इंडोनेशिया (1962), लीबिया (1962), संयुक्त अरब अमीरात (1967), अल्जीरिया (1969), नाइजीरिया (1971), इक्वाडोर (1973), गैबन (1975) तथा अंगोला (2007) ने ओपेक की सदस्यता ग्रहण की थी।

इक्वाडोर को ओपेक की सदस्यता से दिसंबर, 1992 में निलंबित कर दिया गया था, हालांकि इसने अक्टूबर, 2007 में पुनः संगठन की सदस्यता ग्रहण कर ली।

जनवरी, 2009 में निलंबित किए जाने के बाद इंडोनेशिया जनवरी, 2016 में पुनः ओपेक का सदस्य बना हालांकि नवंबर, 2016 में इसने एक बार फिर संगठन की सदस्यता को छोड़ने का निर्णय लिया।

जनवरी, 1995 में सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद गैबन ने जुलाई, 2016 में पुनः ओपेक की सदस्यता ग्रहण कर ली।

इस प्रकार वर्तमान में ओपेक के सदस्य देशों की कुल संख्या 14 है।

कोई भी देश, जिसका कच्चे तेल का शुद्ध निर्यात संतोषजनक स्थिति में हो, साथ ही मूल रूप से जिसके हित सदस्य देशों के समान हो, वह ओपेक का पूर्ण सदस्य बन सकता है, बशर्ते उसे सभी संस्थापक सदस्यों की सहमति सहित तीन-चौथाई पूर्णकालिक सदस्यों का बहुमत प्राप्त हुआ हो।